0 votes
1 view
in Important Questions by (-683 points)

UP Board Solutions for Class 10 Sanskrit Chapter 3 नैतिकमूल्यानि (गद्य – भारती) लघु उत्तरीय प्रश्न

Please log in or register to answer this question.

1 Answer

0 votes
by (-917 points)

प्रश्न 1.

मनु द्वारा निर्धारित धर्म के दस लक्षण कौन-कौन-से हैं? 

या

मनु ने धर्म के क्या लक्षण बताये हैं?

उत्तर :

धर्मशास्त्रों के रचयिता मनु ने धर्म के दस लक्षण बताये हैं –

1.धैर्य

2.क्षमा

3.संयम

4.अचौर्य

5.शौच (पवित्रता)

6.इन्द्रिय-निग्रह

7.बुद्धि

8.विद्या

9.सत्य तथा

10.अक्रोध।

प्रश्न 2.

नीति से सम्बन्धित संस्कृत साहित्य में उपलब्ध किन्हीं पाँच पुस्तकों व उनके लेखकों के नाम लिखिए।

उत्तर :

नीति से सम्बन्धित पाँच पुस्तकों व उनके लेखकों के नाम हैं –

1.चाणक्य द्वारा रचित ‘चाणक्य-नीतिः

2.विदुरकृत ‘विदुर-नीतिः

3.भर्तृहरिकृत ‘नीतिशतकम्’

4.घटकर्परकृत ‘नीतिसार:’ तथा

5.सुन्दर पाण्डेय कृत ‘नीतिद्विषष्टिका।

प्रश्न 3.

मनुष्य के लिए नैतिक मूल्यों की क्या आवश्यकता है? 

या

नैतिक मूल्यों का महत्त्व लिखिए।

उत्तर :

नैतिक मूल्यों से व्यक्ति की सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ती है। नैतिकता से ही व्यक्ति, समाज, देश और विश्व का कल्याण होता है। नैतिक आचरण से मानव में त्याग, तप, विनय, सत्य, न्यायप्रियता आदि गुणों का विकास होता है तथा समाज ईष्र्या, द्वेष, छल, कलह आदि दोषों से मुक्त होता है।

प्रश्न 4.

धर्म और नीति का पारस्परिक सम्बन्ध बताइए। 

या

धर्म को परिभाषित कीजिए।

या

नीति और धर्म का अन्तर स्पष्ट कीजिए। 

उत्तर :

उन्नति और कल्याण की प्राप्ति जिससे होती है, वह धर्म है। धर्म और नीति परस्पर एक भी हैं और अलग-अलग भी। धर्म लौकिक और पारलौकिक दोनों प्रकार का कल्याण करता है, किन्तु नीति मात्र लौकिक कल्याण ही करती है। दोनों में परस्पर भेद होते हुए भी विद्वान् धर्म और नीति के साहचर्य को स्वीकार करते हैं। धर्म व्यापक शब्द है और नीति व्याप्य। इस प्रकार सभी नैतिक गुण धर्म में निहित होते हैं। और नैतिकतापूर्ण आचरण ही व्यक्ति को समाज में विशिष्ट स्थान दिलाता है।

प्रश्न 5.

प्रमुख नीति-ग्रन्थों के नाम लिखिए। 

या

नीतिशास्त्र के प्रमुख तीन ग्रन्थों के नाम लिखिए। 

उत्तर :

नीति से सम्बन्धित कुछ प्रमुख ग्रन्थ हैं –

1.चाणक्य-नीति

2.विदुर-नीति

3.विदुला-उपाख्यान

4.पञ्चतन्त्र

5.शुक्रनीति

6.घटकर्पर नीतिसार

7.सुन्दरपाण्डेय-नीतिद्विषष्टिका

8.भल्लाट-शतकम्

9.भर्तृहरि-नीतिशतकम्

10.बल्लाल-शतकम्

11.दृष्टान्तशतकम् इत्यादि।

प्रश्न 6.

नैतिकता का प्राणभूत तत्त्व क्या है? 

उत्तर :

दूसरों का हित करना की नैतिकता का प्राणभूत तत्त्व है।

प्रश्न 7.

नैतिकता का मुख्य उद्देश्य क्या है?

उत्तर :

नैतिकता का मुख्य उद्देश्य है-अपना और दूसरों का कल्याण करना। कभी-कभी दूसरों का कल्याण करता हुआ मनुष्य अपनी हानि भी कर बैठता है। इस प्रकार का आचरण विशेष और महत्त्वपूर्ण माना जाता है।

प्रश्न 8.

‘नैतिकमूल्यानि’ पाठ के आधार पर मानव-जीवन में नीति के महत्त्व को बताइए।

उत्तर :

जिस मार्ग से कार्य करने से मनुष्य का जीवन सुन्दर और सफल होता है, वह नीति कहलाता है।  नीति केवल मनुष्य और समाज के लिए ही नहीं अपितु मनुष्यों और राजाओं सभी के व्यवहार के लिए होती है। नीति के अनुसार चलने से प्रजा का, शासकों और समस्त संसार का कल्याण होता है।

Related questions

...