X
Take an online test Take Now
0 votes
47 views
in Important Questions by (-750 points)
UP Board Solutions for Class 10 Sanskrit Chapter 8 आदिशङ्कराचार्यः (गद्य – भारती) परिचय

Please log in or register to answer this question.

1 Answer

0 votes
by Expert (1.2k points)
आदि शंकराचार्य ‘जगद्गुरु’ के नाम से प्रसिद्ध हैं। ये अद्भुत प्रतिभा के धनी थे। इन्होंने आठ वर्ष की अल्पायु में ही वेद-शास्त्रों का ज्ञान प्राप्त कर लिया था। मात्र 32 वर्ष की पूर्ण आयु में इन्होंने अनेक ग्रन्थों की रचना की, पूरे भारत का भ्रमण किया, विद्वानों से शास्त्रार्थ किये और भारत के चारों दिशाओं में चार पीठों की स्थापना की। जिस समय इनका जन्म हुआ उस समय भारत-भूमि बौद्ध धर्म के विकृत हो चुके स्वरूप से पीड़ित थी। इन्होंने बौद्धों को शास्त्रार्थ में पराजित  किया और पुन: वैदिक धर्म की स्थापना की। इन्होंने छठे दर्शन; वेदान्त दर्शन; को अद्वैत दर्शन का रूप प्रदान किया और अपने मत की पुष्टि के लिए उपनिषदों और श्रीमद्भगवद्गीता से प्रमाण प्रस्तुत किये। इन्हें ‘मायावाद’ का जनक माना जाता है। प्रस्तुत पाठ में शंकराचार्य के जन्म और उनके द्वारा किये गये कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया है।

Related questions

Categories

...