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UP Board Solutions for Class 10 Sanskrit Chapter 14 योजना – महत्वम् (गद्य – भारती) लघु उत्तरीय प्रश्न

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प्रश्न 1.
पंचवर्षीय योजना का उद्देश्य बताइए। 

उत्तर :
सन् 1947 ई० में देश के स्वतन्त्र होने और सार्वभौमिक सत्ता से सम्पन्न होने के बाद देश के आर्थिक और सामाजिक रूप से उत्थान के लिए एक योजना-समिति बनायी गयी। इस योजना-समिति द्वारा देश के सर्वाधिक उन्नयन हेतु पाँच वर्षों में हो सकने योग्य कार्यों को जो विवरण प्रकाशित किया गया, वही पंचवर्षीय योजना के नाम से प्रसिद्ध हुआ।

प्रश्न 2.
पंचवर्षीय योजनाओं से होने वाले लाभों (महत्त्व) को संक्षेप में लिखिए। 

उत्तर :
चवर्षीय योजनाओं से हमारे देश की राष्ट्रीय आय में वृद्धि, महँगाई की रोकथाम, दैनिक उपयोग की वस्तुओं की प्राप्ति में सुगमता, छोटे-बड़े उद्योगों की ओर ध्यानाकर्षण, खाद्यान्नों में आत्मनिर्भरता, परिवार नियोजन, नहरों का निर्माण और नलकूप लगाना, गाँवों में बिजली का प्रबन्ध, वृक्षारोपण आदि अनेक लाभ हुए। चिकित्सा के क्षेत्र में यक्ष्मा, चेचक, मलेरिया आदि संक्रामक और भयानक रोगों से पूर्णतया छुटकारा मिला। एक्स-रे से भीतरी रोगों का पता लगाना सम्भव हुआ। नहरों के निर्माण से भूमि उर्वरा व धान्यसम्पन्न हुई और मानवों व पशु-पक्षियों को पेयजल प्राप्त हुआ। रेलमार्गों के विस्तार, उनकी गति में वृद्धि तथा डीजल इंजनों के प्रयोग से आवागमन में लगने वाले समय की बचत हुई।

प्रश्न 3.
प्रथम पंचवर्षीय योजना में किसका सर्वाधिक महत्त्व स्वीकार किया गया?
 
उत्तर :
प्रथम पंचवर्षीय योजना में कृषि की उन्नति को सर्वाधिक महत्त्व दिया गया। इसके अन्तर्गत 135 योजनाएँ निहित थीं, जिनमें भाखड़ा-नांगल, हीराकुड, दामोदर, तुंगभद्रा, मयूराक्षी और रिहन्द बाँधों की योजनाएँ बनाई गयीं। इन योजनाओं में कृषि-सिंचन, जल-प्रवाह नियन्त्रण  तथा विद्युत-शक्ति के उत्पादन के क्षेत्र में पर्याप्त लाभ हुए।

प्रश्न 4.
बाँधों के निर्माण से देश को क्या लाभ हुए? 
उत्तरं :
बाँधों के निर्माण से देश को खेतों की सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध हुआ, जल के प्रवाह पर नियन्त्रण स्थापित किया गया तथा विद्युत-शक्ति के उत्पादन के क्षेत्र में अत्यधिक वृद्धि हुई। इन सभी से देश को अनेक लाभ हुए।

प्रश्न 5.
प्रथम पंचवर्षीय योजना का कार्यकाल लिखिए। 

उत्तर :
प्रथम पंचवर्षीय योजना का कार्यकाल है-1951-56

प्रश्न 6.
परतन्त्रता काल में विदेशियों द्वारा भारत में किस प्रयोजन के लिए कार्य किये गये?

उत्तर :
परतन्त्रता काल में विदेशियों द्वारा भारत में समस्त कार्य अपने हित की दृष्टि से किये गये। भारत के हित की दृष्टि से कोई कार्य नहीं किया गया।

प्रश्न 7.
क्या पंचवर्षीय योजनाओं से देश को अपेक्षित लाभ हुआ?

या
योजनाओं के क्रियान्वयन से जितना लाभ अपेक्षित था, उतना क्यों नहीं प्राप्त हो सका?

उत्तर :
पंचवर्षीय योजनाओं से देश और प्रत्येक व्यक्ति को जितने लाभ की अपेक्षा थी, उतना लाभ नहीं हुआ। इसका कारण जनसंख्या में हुई तीव्रगति से वृद्धि है। जब तक जनसंख्या में अपेक्षित कमी नहीं आएगी तब तक पंचवर्षीय योजनाओं से उल्लेखनीय सफलता नहीं मिल सकती। सरकार इसके लिए सतत प्रयत्नशील है।

प्रश्न 8.
भारत में पंचवर्षीय योजनाएँ किस प्रकार आरम्भ हुईं? या भारत में पंचवर्षीय योजनाओं की आवश्यकता क्यों पड़ीं?

उत्तर :
भारत में शताधिक वर्षों तक चले अंग्रेजी शासन ने भारत के कल्याण और उन्नति की बात नहीं सोची। उन्होंने भारत में जितने भी कार्य किये, वे अपनी ही भलाई के लिए किये न कि भारतीयों की भलाई के लिए। इसी कारण 15 अगस्त, 1947 को भारत के स्वतन्त्र होने पर तत्कालीन भारतीय नेतृत्व के सामने अनेक समस्याएँ खड़ी हो गयीं। स्वतन्त्र भारत के प्रथम प्रधानमन्त्री पं० जवाहरलाल नेहरू रूस की साम्यवादी व्यवस्था से बहुत प्रभावित थे। वे यह जानते थे कि रूस में कम्युनिस्टों को शासन प्रारम्भ होने के बाद पंचवर्षीय योजनाएँ बनायी गयी थीं और यह निश्चित किया गया था कि पाँच वर्षों में उन्हें कौन-कौन से काम करने हैं। रूस के ढंग पर ही नेहरू जी ने भी भारत में पंचवर्षीय योजनाएँ प्रारम्भ कीं और इन योजनाओं के लिए एक समिति बना दी गयी। समिति यह निश्चय करती थी कि किस पंचवर्षीय योजना में कौन-से कार्य किये जाएँ और किन पर कितना व्यय किया जाए। इन्हीं पंचवर्षीय योजनाओं ने भारत की कायाकल्प करे। दिया।

प्रश्न 9.
शिक्षा के क्या लाभ हैं?

उत्तर :
[ संकेत ‘पाठ-सारांश’ के उपशीर्षक “शिक्षा से लाभ” को अपने शब्दों में लिखें।]

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