0 votes
13 views
in Important Questions by (-974 points)
UP Board Solutions for Class 8 Sanskrit Chapter 12 प्रियं भारतम्

Please log in or register to answer this question.

1 Answer

0 votes
by (-587 points)

शब्दार्थाः-सुरम्यम् = सुन्दर, रमणीय, प्रकामम् = अत्यन्त, ललामम् = सुन्दर, निकामम् = अत्यधिक, सरितारहारैः = नदी रूपी उज्ज्वल हारों से, हिमाद्रि = हिमालय-हिम का आद्रि (पर्वत), ललाटे = भार पर, पदे = पद तल में, सिन्धुः = समुद्र, सर्वथा = हर तरह से, दर्शनीयम् = देखने योग्य, निधानम् = भण्डार, धरायाम् = पृथ्वी पर, शुभ्रम् = उज्ज्वल, अनेके = बहुत से, नमामः = (हम) प्रणाम करते हैं, तदर्थम् = उसके लिए।

प्रकृत्या ……………………………………. दर्शनीयम् ॥1॥
हिन्दी अनुवाद-प्रकृति ने हमारे प्रिय भारत को सुन्दर और विशाल बनाया है। यह नदी रूपी उज्ज्वल हारों से सुशोभित है। हमारा प्रिय भारत, जिसके माथे पर हिमालय और पैरों में समुद्र है, हमेशा दर्शन करने योग्य है।

धनानां निधानं………………………………. पूजनीयम् ॥2॥
हिंन्दी अनुवाद-हमारा प्रिय भारत धन का खजाना और पृथ्वी पर प्रधान देश है। यह भारत (स्वर्ग) देवलोक के समान है। इसका स्वच्छ उज्ज्वल यश संसार में गाया जाता है। प्रिय भारत सदा पूजा करने योग्य है।

अनेके प्रदेशाः ………………………………………… रक्षणीयम् ॥3॥
शब्दार्थाः अनेके = बहुत से।
हिन्दी अनुवाद-हमारे इस प्रिय भारत में अनेक प्रदेश (राज्य) और अनेक वेश (वेशभूषा) हैं, अनेक रूप हैं और लोगों की अनेक भाषाएँ हैं, परन्तु फिर भी सब एक रूप में भारतीय हैं। हमारा प्रिय भारत हमेशा रक्षा किए जाने योग्य है।

वयं भारतीयाः …………………………………. सदा वन्दनीयम् ॥4॥
हिन्दी अनुवाद-हम सब भारतीय अपने भारत को नमस्कार करते हैं। हम इस एक परम धर्म को मानने वाले हैं। इसके लिए हम अपना धन और जीवन अर्पित करते हैं। हमारा प्रिय, भारत हमेशा  वन्दना करने योग्य है।

Related questions

Categories

...