‘और झपट लेने को उनसे कुत्ते भी हैं अड़े हुए’ – पंक्ति का आशय स्पष्ट करें।

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asked Apr 20 in Class X Hindi by aditya23 (-606 points)

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
भूख से सूख ओंठ जब जाते
दाता-भाग्य विधाता से क्या पाते?
घूँट आँसुओं के पीकर रह जाते।
चाट रहे जूठी पत्तल वे सभी सड़क पर खड़े हुए,
और झपट लेने को उनसे कुत्ते भी हैं अड़े हुए!
‘और झपट लेने को उनसे कुत्ते भी हैं अड़े हुए’ – पंक्ति का आशय स्पष्ट करें।

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answered Apr 20 by muskan15 (-2,329 points)


उपर्युक्त पंक्ति का आशय भूख की विवशता से है। भिक्षुक जब सड़क पर खड़े होकर जूठी पत्तलों को चाटकर अपनी भूख को मिटाने का प्रयास कर रहे थे तब सड़क के कुत्ते भी उन्हीं पत्तलों को पाने के लिए भिक्षुक पर झपट पड़े थे।

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